पाकिस्तान में सिंध प्रांत के शहदादकोट ज़िले की सुमन बोदानी सिविल जज बनने वाली पहली हिंदू महिला हैं.
जुडिशियल सेवा की परीक्षा में 54वें पायदान पर आने के बाद उन्हें सिविल जज और जुडिशियल मजिस्ट्रेट का पद दिया गया.
शहदादकोट सिंध और बलूचिस्तान की सीमा पर बसा हुआ एक पिछड़ा शहर है. 2010 में आई बाढ़ के दौरान जो शहर प्रभावित हुए थे, उनमें शहदादकोट भी शामिल था.
सुमन बोदानी ने इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई अपने ही शहर में हासिल की. इसके बाद उन्होंने हैदराबाद से एलएलबी और कराची की ज़ेबिस्ट यूनिवर्सिटी से एलएलएम किया.
वह कराची में मशहूर वकील रिटायर्ड जस्टिस रशीद रिज़वी के लॉ फ़र्म के साथ जुड़ी रहीं और उनके साथ दो साल प्रैक्टिस की.
सुमन बोदानी का क़ानून के क्षेत्र में आना उनके पिता की इच्छा थी. उनके पिता डॉक्टर पवन बोदानी ने बीबीसी को बताया कि हैदराबाद में सिंध यूनिवर्सिटी से जुड़े एक कॉलेज में पांच वर्षीय क़ानूनी डिग्री की पढ़ाई की शुरुआत हो रही थी और यह उसका पहला बैच था.
उनकी इच्छा हुई कि ये क्षेत्र बहुत अच्छा है और दिली इच्छा थी कि बच्चे ग़रीबों को इंसाफ़ दिलाने में मददगार साबित हो सकें इसलिए सुमन बोदानी को इस क्षेत्र में भेज दिया.
सुमन बोदानी का कहना है कि वह ग्रामीण इलाक़े से संबंध रखती हैं, वहां उन्होंने काफ़ी लोगों को क़ानूनी समस्याओं का शिकार देखा और वह अदालती ख़र्च उठा नहीं सकते थे.
"मैंने सोचा था कि मैं वकालत में जाऊंगी और उन्हें इंसाफ़ दिलाऊंगी."
सुमन के पिता डॉक्टर पवन बोदानी शहदादकोट में आंखों के इलाज का क्लीनिक चलाते हैं. उनका कहना है कि 1991 में उन्होंने कमीशन पास किया लेकिन सरकारी नौकरी में तनख़्वाह कम होने के कारण उन्होंने प्राइवेट प्रैक्टिस को तरजीह दी और वह 1992 से शहदादकोट में ही प्रैक्टिस कर रहे हैं.
सुमन बोदानी डॉक्टर बोदानी की इकलौती संतान नहीं हैं जिसने अपने परिजनों का नाम रौशन किया है.
उनकी बड़ी बेटी सॉफ़्टवेयर इंजीनियर है, दूसरी बेटी सुमन जज बनी हैं, तीसरी ओमान में चार्टर्ड अकाउंटेंट है जबकि एक बेटा निजी यूनिवर्सिटी में ऑडिटर और दो छोटे बेटे कॉलेज में पढ़ाई कर रहे हैं जो डॉक्टर बनने की ख़्वाहिश रखते हैं.
सिंध में हिंदू समुदाय से संबंध रखने वाली लड़कियां अधिकतर डॉक्टर बनने या शिक्षा के क्षेत्र में जाने को तरजीह देती हैं और आम लोगों से संबंध रखने वाले क्षेत्रों से दूर रहती हैं.
सुमन बोदानी का कहना है, "मुझे मालूम है कि उनका समुदाय इस फ़ैसले का समर्थन नहीं करेगा क्योंकि वह इस क्षेत्र में लड़कियों के काम करने को पसंद नहीं करते, हालांकि पिता और भाई-बहनों की मदद हासिल रही. इस बारे में ख़ानदान को कई बातें भी सुननी पड़ीं लेकिन मेरे ख़ानदान ने बातों की परवाह न करते हुए मुझे इस मुक़ाम पर पहुंचा दिया."
सोशल मीडिया पर सुमन बोदानी की प्रोफ़ाइल के मुताबिक़, वह लता मंगेशकर और आतिफ़ असलम की प्रशंसक हैं जबकि उनकी पसंदीदा फ़िल्मों में 'विवाह' और 'दी डेविल्स एडवोकेट' शामिल हैं. इसके अलावा वह शायरी पढ़ने में भी दिलचस्पी रखती हैं.
सिंध के शहदादकोट, जेकबाबाद, कशमोर और शिकारपुर में हिंदू समुदाय की लड़कियों के कथित तौर पर धर्म परिवर्तन और व्यापारियों के अग़वा की शिकायत आती रही हैं. डॉक्टर पून कुमार का कहना है कि अब हालात में काफ़ी सुधार है हालांकि अभी भी कुछ शिकायतें हैं.
Wednesday, January 30, 2019
Tuesday, January 22, 2019
स्कूल, कॉलेज जाने वाले क्यों करने लगते हैं हैकिंग?
हैकर, डेटा लीक- ये सुनते ही जो छवि दिमाग़ में उतरती है, वो अक्सर अंधेरे में हुड से सिर ढँक कर कंप्यूटर के सामने बैठे एक युवा की होती है.
ऐसा शायद इसलिए क्योंकि डेटा लीक से जुड़े अधिकतर मामले चोरी-छिपे किए गए जाते हैं और ऐसे मामलों में जो ख़बरें हमारे सामने आती हैं उनमें किसी किशोर या युवा का नाम होता है.
क्या ये कोई पैटर्न है या फिर युवा ही ऐसा करने के लिए अधिक आकर्षित होते हैं? ऐसा क्यों है?
एथिकल हैकर साई कृष्णा कोटपल्ली जब इंजीनियरिंग की पहले साल की पढ़ाई कर रहे थे, तब उनके दोस्त ने उन्हें हैकिंग के बारे में बताया था.
वो कहते हैं, "जो किशोर होते हैं उनके पास काफी समय होता है और नया जानने की इच्छा भी अधिक होती है. उनके लिए ये रोमांच होता है कि वो अपने दोस्त का फ़ेसबुक हैक कर उनके सभी मैसेज पढ़ सकते हैं. या फिर किसी चीज़ पर 10 फीसदी डिस्काउंट को 90 फीसदी कर सकते हैं."
आनंद प्रकाश एथिकल हैकर हैं और अब ऐपसिक्योर नाम की कंपनी के सीईओ हैं.
आनंद प्रकाश कम उम्र में फेसबुक, ऊबर और ट्विटर जैसी कंपनियों के सॉफ्टवेयर में गड़बड़ी तलाश कर बग बाउंटी के रूप में कमाई करने के लिए जाने जाते हैं.
21 साल की उम्र में आनंद प्रकाश ने सबसे पहले हैकिंग की तो उन्होंने फेसबुक बग बाउंटी में हिस्सा लिया.
वो कहते हैं, "हैकिंग के ज़रिए जब आप बग बाउंटी का काम करते हैं तो आपको ईनाम का पैसा तो मिलता है, पहचान भी मिलती है और साथ में आपका करियर भी बन जाता है. ये युवाओं के लिए काफ़ी अच्छा साबित होता है. इन सबके अलावा जिज्ञासा भी होती है क्योंकि डेवेलपर तो हर कोई होता है लेकिन हैकर कम ही लोग होते हैं."
पैसा, पावर और रोमांच
एथिकल हैकर राहुल कुमार सिंह ने 9-10 साल की उम्र में जब पहली बार हैकिंग की थी, तब वो किसी और के कंप्यूटर में बिना उसकी जानकारी के घुसने के तरीक़े सीख रहे थे. लेकिन बाद में उन्होंने अपनी सॉफ्टवेयर कंपनी भी खोली और अब वो साइबर फॉरेंसिक जांचकर्ता के तौर पर काम कर रहे हैं. अब वो केवल अपने हुनर को बनाए रखने के लिए हैकिंग करते हैं.
वो कहते हैं, "हर घर में फोन हैं, और रोक-टोक ज़्यादा है. जो चीज़ आसानी से मिलती नहीं, वो लोग चोरी करते हैं जैसे सॉफ्टवेयर नहीं मिला तो हैक कर लिया. और ये ऐसी चीज़ है कि कोई भी इसे सीखने के लिए उत्साहित रहता है. इसमें पैसा भी है और पावर भी, लेकिन पैसा और पावर में पावर बड़ी होती है."
राहुल कहते हैं, ''युवाओं के लिए ये पावर एक रोमांच की तरह है, जो उन्हें आकर्षित करता है. उस समय सोचने समझने की शक्ति होती नहीं है. उम्र का क्रेज़ होता है, कहते हैं ना उम्र का दोष होता है."
एथिकल हैकर रिज़वान शेख़ 16 साल की उम्र से हैकिंग के मैदान में हैं. आज वो साइबर क्राइम कंसल्टेंट के तौर पर काम करते हैं और एथिकल हैंकिग सिखाते हैं.
वो कहते हैं, "फ्री टाइम का होना, फिर उसमें इंटरनेट तक पहुंच होना. ये दोनों वजहें ज़्यादातर मामलों में स्कूल या कॉलेज में पढ़ रहे बच्चों के पास होती हैं. उनमें सीखने की क्षमता और इच्छा भी काफ़ी होती है."
वो कहते हैं, ''हम उस उम्र में ऑनलाइन गेम खेलते थे और फिर गेम के हैक खोजते थे. इस तरह हम ऐसी ऑनलाइन कम्युनिटी से मिले जहां हैकर्स अधिक थे. धीरे-धीरे यहीं से युवा की दिशा तय हो जाती है. ऐसी कम्युनिटी में आप देखेंगे तो अधिकतर 15 से 25 साल के युवा इनके सदस्य होते हैं.''
इसी साल जर्मनी की चांसलर एंगेला मर्केल समेत सैकड़ों राजनेताओं का निजी डेटा एक हैकर ने सोशल मीडिया पर लीक कर दिया था. ये हैकर 20 साल का एक स्कूली छात्र था. उसका कहना था कि वो सरकार से नाराज़ है.
बीते साल 15 साल के एक किशोर ने खुद को सीआईए प्रमुख जॉन ब्रेनन के तौर पर पेश कर अफ़ग़ानिस्तान और इटली में सीआईए के ख़ुफिया अभियानों से जुड़े कंप्यूटर में घुसने की कोशिश की.
2012 में 22 साल के एक युवक ने 60 लाख कंप्यूटर्स में वायरस डालकर लोगों के बैंक अकाउंट डीटेल निकाल लिए. इसके ज़रिए उसने 15 करोड़ रूसी रूबल की चोरी की.
एक जांच के तहत 2012 में ही एक हैकिंग ग्रुप से जुड़े 25 लोगों को इंटरपोल ने गिरफ्तार किया था. इंटरपोल 17 से 40 की उम्र के हैकर्स को आर्थिक मदद देने वालों की पड़ताल कर रहा था. गिरफ्तारियों के बाद इंटरपोल की वेबसाइट डाउन हो गई.
ब्रिटेन में 2012 में लूल्ज़सेक हैकिंग ग्रुप के दो सदस्यों को वेबसाइट हैंकिंग के आरोप में सज़ा सुनाई गई थी. ये दोनों 18 और 19 साल के थे.
जाने-माने हैकर जेरेमी हैमन्ड ने 18 साल की उम्र में हैकदिससाइट नाम से एक वेबसाइट बना ली थी. उन्हें 2012 में 27 साल की उम्र में स्ट्रैटेजिक फोरकास्टिंग नाम की निजी खुफ़िया कंपनी से डेटा चुराने के आरोप में 10 साल की सज़ा सुनाई गई. उनका कहना था कि ये कंपनी मानवाधिकार के समर्थन में बोलने वालों की जासूसी करती है.
दुनिया के कई देशों में दहशत फैलाने वाले ब्लू व्हेल गेम को रूस में रहने वाले 21 साल के फिलिप बुडकिन ने बनाया था. ये खेल बच्चों के दिमाग़ को इस तरह अपने काबू में कर लेता था कि गेम की वजह से कई आत्महत्या की कोशिश के मामले सामने आए. बुडकिन का कहना था कि उन्हें लगता है कि वो सही हैं. वो 18 साल की उम्र से कंप्यूटर गेम बना रहे थे.
ऐसा शायद इसलिए क्योंकि डेटा लीक से जुड़े अधिकतर मामले चोरी-छिपे किए गए जाते हैं और ऐसे मामलों में जो ख़बरें हमारे सामने आती हैं उनमें किसी किशोर या युवा का नाम होता है.
क्या ये कोई पैटर्न है या फिर युवा ही ऐसा करने के लिए अधिक आकर्षित होते हैं? ऐसा क्यों है?
एथिकल हैकर साई कृष्णा कोटपल्ली जब इंजीनियरिंग की पहले साल की पढ़ाई कर रहे थे, तब उनके दोस्त ने उन्हें हैकिंग के बारे में बताया था.
वो कहते हैं, "जो किशोर होते हैं उनके पास काफी समय होता है और नया जानने की इच्छा भी अधिक होती है. उनके लिए ये रोमांच होता है कि वो अपने दोस्त का फ़ेसबुक हैक कर उनके सभी मैसेज पढ़ सकते हैं. या फिर किसी चीज़ पर 10 फीसदी डिस्काउंट को 90 फीसदी कर सकते हैं."
आनंद प्रकाश एथिकल हैकर हैं और अब ऐपसिक्योर नाम की कंपनी के सीईओ हैं.
आनंद प्रकाश कम उम्र में फेसबुक, ऊबर और ट्विटर जैसी कंपनियों के सॉफ्टवेयर में गड़बड़ी तलाश कर बग बाउंटी के रूप में कमाई करने के लिए जाने जाते हैं.
21 साल की उम्र में आनंद प्रकाश ने सबसे पहले हैकिंग की तो उन्होंने फेसबुक बग बाउंटी में हिस्सा लिया.
वो कहते हैं, "हैकिंग के ज़रिए जब आप बग बाउंटी का काम करते हैं तो आपको ईनाम का पैसा तो मिलता है, पहचान भी मिलती है और साथ में आपका करियर भी बन जाता है. ये युवाओं के लिए काफ़ी अच्छा साबित होता है. इन सबके अलावा जिज्ञासा भी होती है क्योंकि डेवेलपर तो हर कोई होता है लेकिन हैकर कम ही लोग होते हैं."
पैसा, पावर और रोमांच
एथिकल हैकर राहुल कुमार सिंह ने 9-10 साल की उम्र में जब पहली बार हैकिंग की थी, तब वो किसी और के कंप्यूटर में बिना उसकी जानकारी के घुसने के तरीक़े सीख रहे थे. लेकिन बाद में उन्होंने अपनी सॉफ्टवेयर कंपनी भी खोली और अब वो साइबर फॉरेंसिक जांचकर्ता के तौर पर काम कर रहे हैं. अब वो केवल अपने हुनर को बनाए रखने के लिए हैकिंग करते हैं.
वो कहते हैं, "हर घर में फोन हैं, और रोक-टोक ज़्यादा है. जो चीज़ आसानी से मिलती नहीं, वो लोग चोरी करते हैं जैसे सॉफ्टवेयर नहीं मिला तो हैक कर लिया. और ये ऐसी चीज़ है कि कोई भी इसे सीखने के लिए उत्साहित रहता है. इसमें पैसा भी है और पावर भी, लेकिन पैसा और पावर में पावर बड़ी होती है."
राहुल कहते हैं, ''युवाओं के लिए ये पावर एक रोमांच की तरह है, जो उन्हें आकर्षित करता है. उस समय सोचने समझने की शक्ति होती नहीं है. उम्र का क्रेज़ होता है, कहते हैं ना उम्र का दोष होता है."
एथिकल हैकर रिज़वान शेख़ 16 साल की उम्र से हैकिंग के मैदान में हैं. आज वो साइबर क्राइम कंसल्टेंट के तौर पर काम करते हैं और एथिकल हैंकिग सिखाते हैं.
वो कहते हैं, "फ्री टाइम का होना, फिर उसमें इंटरनेट तक पहुंच होना. ये दोनों वजहें ज़्यादातर मामलों में स्कूल या कॉलेज में पढ़ रहे बच्चों के पास होती हैं. उनमें सीखने की क्षमता और इच्छा भी काफ़ी होती है."
वो कहते हैं, ''हम उस उम्र में ऑनलाइन गेम खेलते थे और फिर गेम के हैक खोजते थे. इस तरह हम ऐसी ऑनलाइन कम्युनिटी से मिले जहां हैकर्स अधिक थे. धीरे-धीरे यहीं से युवा की दिशा तय हो जाती है. ऐसी कम्युनिटी में आप देखेंगे तो अधिकतर 15 से 25 साल के युवा इनके सदस्य होते हैं.''
इसी साल जर्मनी की चांसलर एंगेला मर्केल समेत सैकड़ों राजनेताओं का निजी डेटा एक हैकर ने सोशल मीडिया पर लीक कर दिया था. ये हैकर 20 साल का एक स्कूली छात्र था. उसका कहना था कि वो सरकार से नाराज़ है.
बीते साल 15 साल के एक किशोर ने खुद को सीआईए प्रमुख जॉन ब्रेनन के तौर पर पेश कर अफ़ग़ानिस्तान और इटली में सीआईए के ख़ुफिया अभियानों से जुड़े कंप्यूटर में घुसने की कोशिश की.
2012 में 22 साल के एक युवक ने 60 लाख कंप्यूटर्स में वायरस डालकर लोगों के बैंक अकाउंट डीटेल निकाल लिए. इसके ज़रिए उसने 15 करोड़ रूसी रूबल की चोरी की.
एक जांच के तहत 2012 में ही एक हैकिंग ग्रुप से जुड़े 25 लोगों को इंटरपोल ने गिरफ्तार किया था. इंटरपोल 17 से 40 की उम्र के हैकर्स को आर्थिक मदद देने वालों की पड़ताल कर रहा था. गिरफ्तारियों के बाद इंटरपोल की वेबसाइट डाउन हो गई.
ब्रिटेन में 2012 में लूल्ज़सेक हैकिंग ग्रुप के दो सदस्यों को वेबसाइट हैंकिंग के आरोप में सज़ा सुनाई गई थी. ये दोनों 18 और 19 साल के थे.
जाने-माने हैकर जेरेमी हैमन्ड ने 18 साल की उम्र में हैकदिससाइट नाम से एक वेबसाइट बना ली थी. उन्हें 2012 में 27 साल की उम्र में स्ट्रैटेजिक फोरकास्टिंग नाम की निजी खुफ़िया कंपनी से डेटा चुराने के आरोप में 10 साल की सज़ा सुनाई गई. उनका कहना था कि ये कंपनी मानवाधिकार के समर्थन में बोलने वालों की जासूसी करती है.
दुनिया के कई देशों में दहशत फैलाने वाले ब्लू व्हेल गेम को रूस में रहने वाले 21 साल के फिलिप बुडकिन ने बनाया था. ये खेल बच्चों के दिमाग़ को इस तरह अपने काबू में कर लेता था कि गेम की वजह से कई आत्महत्या की कोशिश के मामले सामने आए. बुडकिन का कहना था कि उन्हें लगता है कि वो सही हैं. वो 18 साल की उम्र से कंप्यूटर गेम बना रहे थे.
Friday, January 18, 2019
台湾向日本外借颜真卿《祭侄文稿》:一幅书法文物引发的争论
台北的国立故宫博物院决定向日本的东京国立博物馆借出珍贵的颜真卿书法真迹《祭侄文稿》,供短期展出。一宗表面上看起来是正常文化交流的事情,却在中国大陆和台湾两岸引起了民众的不满。
“无与伦比的书法:颜真卿与他的遗产”展览1月16日在东京上野的东京国立博物馆平成馆开幕,将持续至2月24日。展览包括了众多中国古代书法名家的作品,《祭侄文稿》的真迹是当中最珍贵的展品。
一幅诞生于1200年前的书法大师作品为什么却在今天引起了众多讨论?
“天下第二行书”
颜真卿(公元709-785年)被认为是中国历史上最出色的书法家之一,《祭侄文稿》是他创作于公元759年的作品,当时是在其侄儿去世之后写下的作品。
这部作品在中国书法史上被认为是“天下第二行书”,比它更著名的只有王羲之的《兰亭集序》,而后者的真迹早已失传。
“他在中国是家喻户晓的人物,”香港中文大学艺术系副教授唐锦腾向BBC表示,“你小时候学习中国艺术,就会学到。”
唐教授表示,这幅作品其实是颜真卿的一份手稿,所以上面有一些划掉的字和作者写下的一些注释,而这却令这份真迹愈加珍贵。《祭侄文稿》的最终成品早已不知所終。
该份手稿在数百年里一直保存在中国大陆,直到逃离大陆的国民党政府带着一批中国文物移至台湾,其中就包括这幅书法手稿。
之后,它就一直被保存在国立故宫博物院。
1997年,它曾出借给美国华盛顿的国家美术馆(National Gallery of Art),之后又一直存放在台湾。这一次外借至东京,是它有史以来第二次出借至海外。
现在,它以“颜真卿:超越王羲之的书法名家”的名目正在东京上野的东京国立博物馆平成馆展出。
博物馆的展览说明指,颜真卿“在他的书法中出色地反映了当时对时代的领悟”,而《祭侄文稿》当中更是透出了作者的哀伤。
中国网民震怒
但是这一消息一出,却引发了中国社交媒体上的一轮震动,很多网民对此的反应是愤怒。
蔡英文强硬回应习近平“两制”台湾方案提议
习近平讲话后暗流涌动的台湾政坛
“一国两制”新交锋:当习近平遇上逐渐强硬的蔡英文
至周四(1月17日),新浪微博上“#祭侄文稿#”的话题标签有2.8亿阅读量。
在中国,中日在二战中的历史仍然是一个容易激起公众情绪的话题,而很多网民对于台湾将中国的艺术历史文物外借给曾在二战中侵略中国的日本感到不满。
“台湾是不是根本不知道南京大屠杀的存在?”新浪微博上一条评论说。
另一条评论则指出“《祭侄文稿》的意义不仅仅是书法作品”。
中国的历史叙述一直声称日军在侵华战争中仅在南京一城就屠杀了数十万中国人,而日本的民族主义者一直对此予以否认。而《祭侄文稿》的创作历史背景更加成为网民愤怒的缘由:据称颜真卿亲人在唐代著名的“安史之乱”战祸中遇害,书法家在亲人尸骨不全的悲痛之中写下此篇,因此它一直被视为是显示中国古人民族气节的一幅作品。
“无与伦比的书法:颜真卿与他的遗产”展览1月16日在东京上野的东京国立博物馆平成馆开幕,将持续至2月24日。展览包括了众多中国古代书法名家的作品,《祭侄文稿》的真迹是当中最珍贵的展品。
一幅诞生于1200年前的书法大师作品为什么却在今天引起了众多讨论?
“天下第二行书”
颜真卿(公元709-785年)被认为是中国历史上最出色的书法家之一,《祭侄文稿》是他创作于公元759年的作品,当时是在其侄儿去世之后写下的作品。
这部作品在中国书法史上被认为是“天下第二行书”,比它更著名的只有王羲之的《兰亭集序》,而后者的真迹早已失传。
“他在中国是家喻户晓的人物,”香港中文大学艺术系副教授唐锦腾向BBC表示,“你小时候学习中国艺术,就会学到。”
唐教授表示,这幅作品其实是颜真卿的一份手稿,所以上面有一些划掉的字和作者写下的一些注释,而这却令这份真迹愈加珍贵。《祭侄文稿》的最终成品早已不知所終。
该份手稿在数百年里一直保存在中国大陆,直到逃离大陆的国民党政府带着一批中国文物移至台湾,其中就包括这幅书法手稿。
之后,它就一直被保存在国立故宫博物院。
1997年,它曾出借给美国华盛顿的国家美术馆(National Gallery of Art),之后又一直存放在台湾。这一次外借至东京,是它有史以来第二次出借至海外。
现在,它以“颜真卿:超越王羲之的书法名家”的名目正在东京上野的东京国立博物馆平成馆展出。
博物馆的展览说明指,颜真卿“在他的书法中出色地反映了当时对时代的领悟”,而《祭侄文稿》当中更是透出了作者的哀伤。
中国网民震怒
但是这一消息一出,却引发了中国社交媒体上的一轮震动,很多网民对此的反应是愤怒。
蔡英文强硬回应习近平“两制”台湾方案提议
习近平讲话后暗流涌动的台湾政坛
“一国两制”新交锋:当习近平遇上逐渐强硬的蔡英文
至周四(1月17日),新浪微博上“#祭侄文稿#”的话题标签有2.8亿阅读量。
在中国,中日在二战中的历史仍然是一个容易激起公众情绪的话题,而很多网民对于台湾将中国的艺术历史文物外借给曾在二战中侵略中国的日本感到不满。
“台湾是不是根本不知道南京大屠杀的存在?”新浪微博上一条评论说。
另一条评论则指出“《祭侄文稿》的意义不仅仅是书法作品”。
中国的历史叙述一直声称日军在侵华战争中仅在南京一城就屠杀了数十万中国人,而日本的民族主义者一直对此予以否认。而《祭侄文稿》的创作历史背景更加成为网民愤怒的缘由:据称颜真卿亲人在唐代著名的“安史之乱”战祸中遇害,书法家在亲人尸骨不全的悲痛之中写下此篇,因此它一直被视为是显示中国古人民族气节的一幅作品。
Thursday, January 10, 2019
जनवरी में पड़ने वाले व्रत, त्यौहार, एकादशी और अमावस्या की पूरी जानकारी
नया साल यानी 2019 शुरू हो चुका है। हर साल की तरह इस जनवरी भी आपको मीठा त्योहार ‘मकर संक्रांति’ मिलेगा। देशभर में मकर संक्रांति का त्योहार 14 जनवरी को मनाया जाएगा। देश के अन्नदाता यानी किसान के लिहाज से यह त्योहार प्रतीकात्मक रूप से अहम है। इसी दौरान दक्षिण भारत का खास त्योहार पोंगल भी मनाया जाएगा। इसी वक्त से सूर्य की दिशा उत्तरायण हो जाती है और सर्दी का प्रभाव कम होने लगता है। इसी माह साल की 4 सबसे बड़ी चतुर्थियों में से एक संकष्टी चतुर्थी भी आएगी। उत्तर भारत में इसे ‘तिल चतुर्थी’ भी कहा जाता है। 15 जनवरी से ही प्रयागराज (पूर्व में इलाहाबाद) में अर्द्ध कुंभ भी आरंभ हो जाएगा। यह मार्च तक जारी रहेगा। इसके लिए एक खास बात हम आपको और बता दें क्योंकि ये आपके लिए लाभदायक है। अगर आप पहली बार कुंभ मेला में जा रहे हैं तो Jiophone ने इस कुंभ के लिए एक खास फोन कुंभ जियोफोन (Kumbh Jio Phone) लॉन्च किया है। वैसे, आपको एक जानकारी और देना चाहेंगे। इस साल का पहला दिन ही बहुत शुभ था। इस महीने दो ग्रहण भी हैं। सूर्य ग्रहण बीत चुका है और चंद्र ग्रहण 21 जनवरी को है। दरअसल, 1 जनवरी 2019 को सफला एकादशी थी। चलिए, आगे जानते हैं कि जनवरी में और कौन से त्योहार हैं? जिनका आपको इंतजार है।
मकर संक्रांति से ही होता है ऋतु परिवर्तन
मकर संक्रांति का एक और महत्व है जो हमारी दिनचर्या को प्रभावित करता है। मकर संक्रांति से सूर्य उत्तरायण होता है। इससे भारत सहित सूर्य के उत्तरी गोलार्ध क्षेत्र में सूर्य की किरणें सीधी पड़ने से ऋतु परिवर्तन होता है। ग्रीष्म ऋतु प्रारंभ होने के साथ ही दिन बड़े व रातें छोटी होने लगती हैं। यानी सर्द मौसम धीरे-धीरे विदा होने लगता है। पृथ्वी के अपनी धुरी पर घूमते हुए 72 से 90 साल के बीच में एक डिग्री पीछे हो जाती है। इस कारण से सूर्य का मकर राशि में प्रवेश का समय व दिन बदलते रहते हैं। 2014 से 2016 तक मकर संक्रांति 14 जनवरी को मनाई गई, जबकि 2017 व 2018 में यह 15 जनवरी को ही मनी थी। वैसे आपको बता दें कि दक्षिण भारत के कई हिस्सों में यह पर्व पोंगल के रुप में मनाया जाता है।
14 जनवरी: (सोमवार) मकर संक्रांति: इस दिन तिल के लेप से स्नान करने के बाद सूर्य की पूजा की जाती है।
15 जनवरी: (मंगलवार) पोंगल, उत्तरायण, खिचड़ी पर्व: पोंगल मूल रूप से दक्षिण भारत में मनाया जाता है। तमिलनाडु में इस बार 6 दिन का अवकाश घोषित करने की प्रकिया चल रही है।
17 जनवरी (गुरुवार) पौष पुत्रदा एकादशी: इसका भी धार्मिक महत्व है।
18 जनवरी: (शुक्रवार) प्रदोष व्रत ( शुक्ल): भगवान शिव के आराधक इस व्रत को विधि-विधान से करते हैं।
21 जनवरी: (सोमवार) पौष पूर्णिमा व्रत: उत्तर भारत में इसे पूनम भी कहा जाता है।
24 जनवरी (गुरुवार) संकष्टी चतुर्थी: साल में जो चार बड़ी चतुर्थियां आती हैं। ये उनमें से एक है। इसे तिल चतुर्थी भी कहा जाता है।
26 जनवरी (शनिवार) गणतंत्र दिवस: हमारे देश का संविधान 26 जनवरी 1950 को लागू किया गया था। यह राष्ट्रीय गौरव और सम्मान का दिवस है।
31 जनवरी (गुरुवार) षटशिला एकादशी: यह भी देश के ज्यादातर हिस्सों में मनाया जाने वाला अहम धार्मिक दिवस है।
मकर संक्रांति से ही होता है ऋतु परिवर्तन
मकर संक्रांति का एक और महत्व है जो हमारी दिनचर्या को प्रभावित करता है। मकर संक्रांति से सूर्य उत्तरायण होता है। इससे भारत सहित सूर्य के उत्तरी गोलार्ध क्षेत्र में सूर्य की किरणें सीधी पड़ने से ऋतु परिवर्तन होता है। ग्रीष्म ऋतु प्रारंभ होने के साथ ही दिन बड़े व रातें छोटी होने लगती हैं। यानी सर्द मौसम धीरे-धीरे विदा होने लगता है। पृथ्वी के अपनी धुरी पर घूमते हुए 72 से 90 साल के बीच में एक डिग्री पीछे हो जाती है। इस कारण से सूर्य का मकर राशि में प्रवेश का समय व दिन बदलते रहते हैं। 2014 से 2016 तक मकर संक्रांति 14 जनवरी को मनाई गई, जबकि 2017 व 2018 में यह 15 जनवरी को ही मनी थी। वैसे आपको बता दें कि दक्षिण भारत के कई हिस्सों में यह पर्व पोंगल के रुप में मनाया जाता है।
14 जनवरी: (सोमवार) मकर संक्रांति: इस दिन तिल के लेप से स्नान करने के बाद सूर्य की पूजा की जाती है।
15 जनवरी: (मंगलवार) पोंगल, उत्तरायण, खिचड़ी पर्व: पोंगल मूल रूप से दक्षिण भारत में मनाया जाता है। तमिलनाडु में इस बार 6 दिन का अवकाश घोषित करने की प्रकिया चल रही है।
17 जनवरी (गुरुवार) पौष पुत्रदा एकादशी: इसका भी धार्मिक महत्व है।
18 जनवरी: (शुक्रवार) प्रदोष व्रत ( शुक्ल): भगवान शिव के आराधक इस व्रत को विधि-विधान से करते हैं।
21 जनवरी: (सोमवार) पौष पूर्णिमा व्रत: उत्तर भारत में इसे पूनम भी कहा जाता है।
24 जनवरी (गुरुवार) संकष्टी चतुर्थी: साल में जो चार बड़ी चतुर्थियां आती हैं। ये उनमें से एक है। इसे तिल चतुर्थी भी कहा जाता है।
26 जनवरी (शनिवार) गणतंत्र दिवस: हमारे देश का संविधान 26 जनवरी 1950 को लागू किया गया था। यह राष्ट्रीय गौरव और सम्मान का दिवस है।
31 जनवरी (गुरुवार) षटशिला एकादशी: यह भी देश के ज्यादातर हिस्सों में मनाया जाने वाला अहम धार्मिक दिवस है।
Thursday, January 3, 2019
जोकोविच ने चोटिल नडाल से कहा- हमें और इस खेल को आपकी जरूरत
स्पेन के स्टार टेनिस खिलाड़ी राफेल नडाल ने चोट के कारण ब्रिस्बेन ओपन से अपना नाम वापस ले लिया। वे कोर्ट पर वापसी का प्रयास कर रहे हैं। इसी बीच दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी सर्बिया के नोवाक जोकोविच ने उनकी तारीफ की है। उन्होंने कहा, "हमें और इस खेल को आपके वापसी की जरूरत है।" 17 ग्रैंडस्लैम जीतने वाले नडाल पिछले साल सितंबर से पेशेवर मुकाबले नहीं खेले हैं।
दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी हैं जोकोविच
नडाल को पीछे छोड़कर रैंकिंग में पहले पायदान पर पहुंचने वाले जोकोविच ने कहा, "उन्होंने अपने करियर में इतनी बार वापसी की है कि आप हमेशा मानते हैं कि वे फिर से ऐसा कर सकते हैं। उनकी शारीरिक शैली टेनिस के लिए है। हालांकि, इससे उनके घुटनों और जोड़ों पर अधिक भार और दबाव आता है।"
जोकोविच ने आगे कहा, "इस खेल को राफेल की आवश्यकता है। वह ऑल टाइम ग्रेट प्लेयर है। हम उसे खेलते देखना चाहते हैं।" जोकोविच और नडाल चार ग्रैंडस्लैम फाइनल में आमने-सामने हुए है। दोनों ने कुल मिलाकर 52 मैच आपस में खेले हैं।
दोनों के बीच पहला मैच 2006 में पेरिस में हुआ था। तब जोकोविच चोट के कारण कोर्ट से बाहर हो गए थे और नडाल को विजेता घोषित किया था। 2012 में ऑस्ट्रेलियन ओपन के फाइनल में दोनों के बीच छह घंटे तक मुकाबला हुआ था, जिसमें जोकिविच जीते थे।
दूसरी ओर, नडाल ने कहा, "डॉक्टर्स ने उन्हें विश्वास दिलाया है कि वे 14 जनवरी से होने वाले ऑस्ट्रेलियन ओपन के लिए फिट हो जाएंगे। यह एक छोटी चीज है, लेकिन बाद में बड़ी हो जाती है। मांसपेशियों में खिंचाव आना खतरनाक होता है।"
पर्यटन स्थल गुलमर्ग में सुबह 8.8 मिमी और कुपवाड़ा में 7.4 मिमी बर्फ गिरी। इसका असर यह हुआ कि श्रीनगर का पारा 4.2 डिग्री गिरकर शून्य डिग्री पहुंच गया। करगिल में पारा माइनस 17 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। लद्दाख क्षेत्र में तापमान माइनस 12.4 डिग्री सेल्सियस तक बना हुआ है। ओडिशा में भी 10 जगहों पर तापमान 10 डिग्री से नीचे दर्ज किया गया। तेलंगाना में ऑरेंज और आंध्र में यलो अलर्ट जारी किया गया है।
दो घंटे तक दिल्ली एयरपोर्ट से नहीं निकल सकीं फ्लाइट
दिल्ली में गुरुवार सुबह से घना कोहरा छाया रहा। इसकी वजह से यहां के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर सुबह 2 घंटे कोई भी विमान उड़ान नहीं भर सका। यहां आने वाले तीन विमानों का मार्ग भी बदला गया। आने वाले दिनों में दिल्ली समेत उसके आसपास के इलाकों में बारिश हो सकती है।
घाटी में बर्फीले तूफान और हिमस्खलन की आशंका
कश्मीर में जोजिला, सोनमर्ग, द्रास, करगिल, लेह और उत्तरी कश्मीर में अगले 48 घंटों के दौरान मौसम विभाग ने बर्फीले तूफान की चेतावनी जारी की है। हिमाचल प्रदेश में शिमला, धर्मशाला, बिलासपुर, लाहौल-स्पीति रोहतांग पास जैसे पर्वतीय इलाकों में बर्फबारी और बारिश होने के आसार हैं। उत्तराखंड में बद्रीनाथ, केदारनाथ, यमुनोत्री, गंगोत्री सहित उत्तरी इलाकों खासकर ऊंचे स्थानों पर बर्फ गिरने की संभावना है।
दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी हैं जोकोविच
नडाल को पीछे छोड़कर रैंकिंग में पहले पायदान पर पहुंचने वाले जोकोविच ने कहा, "उन्होंने अपने करियर में इतनी बार वापसी की है कि आप हमेशा मानते हैं कि वे फिर से ऐसा कर सकते हैं। उनकी शारीरिक शैली टेनिस के लिए है। हालांकि, इससे उनके घुटनों और जोड़ों पर अधिक भार और दबाव आता है।"
जोकोविच ने आगे कहा, "इस खेल को राफेल की आवश्यकता है। वह ऑल टाइम ग्रेट प्लेयर है। हम उसे खेलते देखना चाहते हैं।" जोकोविच और नडाल चार ग्रैंडस्लैम फाइनल में आमने-सामने हुए है। दोनों ने कुल मिलाकर 52 मैच आपस में खेले हैं।
दोनों के बीच पहला मैच 2006 में पेरिस में हुआ था। तब जोकोविच चोट के कारण कोर्ट से बाहर हो गए थे और नडाल को विजेता घोषित किया था। 2012 में ऑस्ट्रेलियन ओपन के फाइनल में दोनों के बीच छह घंटे तक मुकाबला हुआ था, जिसमें जोकिविच जीते थे।
दूसरी ओर, नडाल ने कहा, "डॉक्टर्स ने उन्हें विश्वास दिलाया है कि वे 14 जनवरी से होने वाले ऑस्ट्रेलियन ओपन के लिए फिट हो जाएंगे। यह एक छोटी चीज है, लेकिन बाद में बड़ी हो जाती है। मांसपेशियों में खिंचाव आना खतरनाक होता है।"
पर्यटन स्थल गुलमर्ग में सुबह 8.8 मिमी और कुपवाड़ा में 7.4 मिमी बर्फ गिरी। इसका असर यह हुआ कि श्रीनगर का पारा 4.2 डिग्री गिरकर शून्य डिग्री पहुंच गया। करगिल में पारा माइनस 17 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। लद्दाख क्षेत्र में तापमान माइनस 12.4 डिग्री सेल्सियस तक बना हुआ है। ओडिशा में भी 10 जगहों पर तापमान 10 डिग्री से नीचे दर्ज किया गया। तेलंगाना में ऑरेंज और आंध्र में यलो अलर्ट जारी किया गया है।
दो घंटे तक दिल्ली एयरपोर्ट से नहीं निकल सकीं फ्लाइट
दिल्ली में गुरुवार सुबह से घना कोहरा छाया रहा। इसकी वजह से यहां के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर सुबह 2 घंटे कोई भी विमान उड़ान नहीं भर सका। यहां आने वाले तीन विमानों का मार्ग भी बदला गया। आने वाले दिनों में दिल्ली समेत उसके आसपास के इलाकों में बारिश हो सकती है।
घाटी में बर्फीले तूफान और हिमस्खलन की आशंका
कश्मीर में जोजिला, सोनमर्ग, द्रास, करगिल, लेह और उत्तरी कश्मीर में अगले 48 घंटों के दौरान मौसम विभाग ने बर्फीले तूफान की चेतावनी जारी की है। हिमाचल प्रदेश में शिमला, धर्मशाला, बिलासपुर, लाहौल-स्पीति रोहतांग पास जैसे पर्वतीय इलाकों में बर्फबारी और बारिश होने के आसार हैं। उत्तराखंड में बद्रीनाथ, केदारनाथ, यमुनोत्री, गंगोत्री सहित उत्तरी इलाकों खासकर ऊंचे स्थानों पर बर्फ गिरने की संभावना है।
Subscribe to:
Comments (Atom)
肺炎疫情:法国航母爆发新冠疫情 英国航母出航计划遭质疑
法国航母戴高乐号上1/3的水手新冠病毒感染, 香港自去年 色情性&肛交集合 爆发“反送中 色情性&肛交集合 ”抗议后政府首次有问责官员 色情性&肛交集合 人事调动,政制及内地事务局局 色情性&肛交集合 长聂德权被平调 色情性&肛交集合 接替罗智光出任 色情性&肛交集合 公务员事...
-
أ ثار دونالد ترامب جونيور، نجل الرئيس الأمريكي، سخرية الكثيرين في الولا يات المتحدة حينما شبَّه سقوط ضحايا الحرب من الجنود الأمريكيين "...
-
اهتمت صحف عربية، بنسختيها الورقي ة والإلكترونية، اهتماما كبيرا بإعلان رئيس وزراء لبنان سعد الحريري وضع استقالت ه تحت تصرف الرئيس اللبناني. ...
-
उत्तराखंड की सीमा के आख़िरी ज़िले पिथौरागढ़ के आगर-हराली गांव की सपना टम्टा के पिता पिछले नौ साल से लापता हैं और मां गांव में ही मज़दूरी कर...