हेराल्ड हाउस केस में कांग्रेस पार्टी को दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है. दिल्ली हाईकोर्ट ने कांग्रेस पार्टी को 56 साल पुराने हेराल्ड हाउस को खाली करने का आदेश दिया है. कोर्ट के आदेश के बाद अब कांग्रेस पार्टी को 2 हफ़्ते में हेराल्ड हाउस खाली करना होगा. नहीं तो कार्रवाई होगी. एलएनडीओ(केंद्र और भूमि विकास कार्यालय) के लीज रद्द करने के फैसले को रद्द करने से हाईकोर्ट ने शुक्रवार को इंकार कर दिया और कांग्रेस को हेराल्ड हाउस खाली करने का आदेश दे दिया.
गौरतलब है कि 30 अक्टूबर को एजेएल को एलएनडीओ ने नोटिस भेजकर 15 नवंबर तक खाली करने का आदेश दिया था जिसे एजेएल ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी. कांग्रेस ने एलएनडीओ के लीज रद्द करने के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी लेकिन आज हाईकोर्ट ने एजेएल की याचिका को खारिज कर दिया.
ये याचिका दिल्ली उच्च न्यायालय में नेशनल हेराल्ड के प्रकाशक असोसिएट जर्नल्स लिमिटेड (एजेएल) की ओर से दाखिल किया गया था. इसमें केंद्र के उस आदेश को चुनौती दी गई थी जिसमें उससे यहां 56 साल पुरानी लीज खत्म करते हुए आईटीओ स्थित परिसर की इमारत को खाली करने को कहा था.
मामले की सुनवाई कर रहे न्यायमूर्ति सुनील गौर ने सरकार के 30 अक्टूबर के नोटिस के खिलाफ एजेएल की याचिका पर 22 नवंबर को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था. अदालत ने पिछली तारीख पर केंद्र से पूछा था कि परिसर में फिर प्रवेश करने के पीछे अब क्या स्पष्टीकरण है जब नेशनल हेराल्ड का प्रकाशन शुरू हो चुका है.
केंद्र और भूमि विकास कार्यालय (एलएंडडीओ) ने अदालत को बताया कि पुन:प्रवेश का नोटिस जब जारी किया गया था जब उसने 2016 में कार्यवाही शुरू की थी जब कोई मुद्रण या प्रकाशन की गतिविधि नहीं हो रही थी.
इस मामले में एक पीड़िता निरप्रीत कौर ने फ़ैसले के बाद कहा, "मैं जज साहब की शुक्रगुज़ार हूँ. और उस पूरी टीम का धन्यावाद करती हूं कि जिसने ये केस लड़ा. काश ! ये पहले हो जाता तो मेरी इतनी दुर्गति नहीं होती. जो मैंने खोया, वो मैं खोती नहीं. मैं उम्रक़ैद की सज़ा से संतुष्ट हूँ. फांसी की सजा में वो एक बार लटक कर मर जाता लेकिन अब तड़प-तड़प कर मरेगा."
वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि सिख दंगों का पाप कांग्रेस पार्टी से कभी नहीं हट सकता, अब तो उनको सज़ा होनी चाहिए जिन्होंने भीड़ को दंगों के लिए उकसाया था.
जेटली ने कहा, "हम इस फ़ैसले का स्वागत करते हैं. 1984 में सिख दंगों में कांग्रेस नेता दंगाई भीड़ का नेतृत्व कर रहे थे. कांग्रेस के शासन में जाँच आयोग बिठाए, उसमें कांग्रेस नेताओं को छोड़ दिया गया. पहली बार अटल बिहारी वाजपेयी के शासन में नानावटी आयोग बनाया. इस आयोग ने पुलिस थानों के हिसाब से रिपोर्ट तैयार की. फिर 2014 में नरेंद्र मोदी सरकार ने एसआईटी बनाई."
Friday, December 21, 2018
Friday, December 7, 2018
स्टेज पर बेहोश हुए केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, अब हालत में सुधार, शिरडी रवाना
महाराष्ट्र के अहमदनगर में एक कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) की तबीयत खराब हो गई. गडकरी स्टेज पर ही बेहोश हो गए. इस दौरान महाराष्ट्र के राज्यपाल विद्यासागर राव उनके साथ मौजूद थे. गवर्नर ने ही उन्हें स्टेज पर संभाला. नितिन गडकरी को अस्पताल ले जाया गया.
हालांकि, नितिन गडकरी के ऑफिस से बाद में ट्वीट कर जानकारी दी गई कि उनकी तबीयत अब ठीक है और वह अपने अन्य कार्यक्रम में जा रहे हैं. चेकअप कराने के बाद गडकरी शिरडी के लिए जा रहे हैं, वह साईं मंदिर में दर्शन करेंगे.
बताया जा रहा है कि शुगर की कमी के कारण नितिन गडकरी को अचानक चक्कर आ गए. गडकरी को तुरंत पानी पिलाया गया और पेड़ा खिलाया गया. बीते दिनों से उनका कार्यक्रम लगातार व्यस्त रहा है.
नितिन गडकरी अहमदनगर में महात्मा फुले कृषि विद्यापीठ के दीक्षांत समारोह में हिस्सा लेने के लिए गए थे. जिस दौरान वे राष्ट्रगान के दौरान खड़े हो रहे थे, तभी वह अचानक बेहोश हो गए. राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने ट्वीट कर नितिन गडकरी के जल्द स्वस्थ होने की कामना की.
आपको बता दें कि इससे पहले भी कई बार नितिन गडकरी की तबीयत खराब हो चुकी है. कुछ समय पहले ही एक रैली के बाद उनकी तबीयत खराब होने की खबर थी. नितिन गडकरी केंद्र सरकार में सड़क परिवहन मंत्री हैं. इसके अलावा उनपर ही गंगा को साफ करने की भी जिम्मेदारी है.
गौरतलब है कि इससे नितिन गडकरी ने कुछ साल पहले ही वजन घटाने के लिए ऑपरेशन भी कराया था. नितिन गडकरी भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष रह चुके हैं, अभी नागपुर से सांसद भी हैं
हालांकि, नितिन गडकरी के ऑफिस से बाद में ट्वीट कर जानकारी दी गई कि उनकी तबीयत अब ठीक है और वह अपने अन्य कार्यक्रम में जा रहे हैं. चेकअप कराने के बाद गडकरी शिरडी के लिए जा रहे हैं, वह साईं मंदिर में दर्शन करेंगे.
बताया जा रहा है कि शुगर की कमी के कारण नितिन गडकरी को अचानक चक्कर आ गए. गडकरी को तुरंत पानी पिलाया गया और पेड़ा खिलाया गया. बीते दिनों से उनका कार्यक्रम लगातार व्यस्त रहा है.
नितिन गडकरी अहमदनगर में महात्मा फुले कृषि विद्यापीठ के दीक्षांत समारोह में हिस्सा लेने के लिए गए थे. जिस दौरान वे राष्ट्रगान के दौरान खड़े हो रहे थे, तभी वह अचानक बेहोश हो गए. राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने ट्वीट कर नितिन गडकरी के जल्द स्वस्थ होने की कामना की.
आपको बता दें कि इससे पहले भी कई बार नितिन गडकरी की तबीयत खराब हो चुकी है. कुछ समय पहले ही एक रैली के बाद उनकी तबीयत खराब होने की खबर थी. नितिन गडकरी केंद्र सरकार में सड़क परिवहन मंत्री हैं. इसके अलावा उनपर ही गंगा को साफ करने की भी जिम्मेदारी है.
गौरतलब है कि इससे नितिन गडकरी ने कुछ साल पहले ही वजन घटाने के लिए ऑपरेशन भी कराया था. नितिन गडकरी भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष रह चुके हैं, अभी नागपुर से सांसद भी हैं
Tuesday, December 4, 2018
इंस्पेक्टर की बहन का संगीन आरोप- अखलाक केस के चलते पुलिस ने ही सुबोध को मरवाया
बुलंदशहर में शहीद हुए इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह की हत्या के तार अखलाक केस से जुड़ रहे हैं. इंस्पेक्टर सुबोध की बहन ने पुलिस पर बेहद संगीन आरोप लगाते हुए कहा कि मेरे भाई की हत्या अखलाक केस की जांच करने के चलते की गई है. उनकी हत्या में पुलिस भी शामिल है.
इंस्पेक्टर की बहन ने गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि मेरे भाई को अकेला क्यों छोड़ा गया? उन्होंने सवाल किया कि भाई के साथ मौजूद दरोगा और ड्राइवर भाई को अकेला छोड़कर कहां चले गए थे?
योगी खुद गोरक्षा करके दिखाएं
इंस्पेक्टर की बहन ने कहा कि गोरक्षा के नाम पर मुख्यमंत्री योगी सिर्फ बातें कर रहे हैं. वे खुद क्यों नहीं गोरक्षा करके दिखाते हैं? उन्होंने मांग की कि मेरे भाई को शहीद का दर्जा दिया जाए. एटा के पैतृक गांव में उनका शहीद स्मारक बनाया जाए. सुबोध की बहन ने कहा कि हमारे पिता भी ऐसे ही ड्यूटी करने के दौरान गोली लगने से शहीद हुए थे. हम लोग बहुत बहादुर हैं. उन्होंने सीएम योगी से मांग की है कि वे उनके परिवार से आकर मिलें.
पुलिस ने मिलकर भाई को मरवाया
उन्होंने सीधा आरोप लगाया कि अखलाक मामले की जांच करने के चलते उनके भाई को मारा गया है. ये पूरी साजिश है. उन्होंने सवाल उठाए कि मेरा भाई पुलिस जीप में अकेला क्यों था. उन्होंने पूछा कि उस समय साथ में मौजूद दरोगा और ड्राइवर कहां चले गए थे. उन्होंने आरोप लगाया कि मेरे भाई की हत्या में पुलिस भी मिली हुई थी. उन्होंने आरोप लगाया कि मेरे भाई को पुलिस ने मिलकर मरवाया है.
बेटों ने कहा- अब किसके पापा की जान जाएगी?
बुलंदशहर में शहीद हुए इंस्पेक्टर सुबोध कुमार के बड़े बेटे श्रेय ने कहा कि पापा चाहते थे कि मैं यूपीएससी की तैयारी करूं. पापा जॉब के चलते बर्थडे में भी घर नहीं आते थे. उन्हें धमकियां मिलतीं थीं. श्रेय ने कहा कि पिता चाहते थे कि मेरा छोटा भाई अभिषेक अच्छा वकील बने. उसका अभी बोर्ड का एग्जाम है. वहीं, अभिषेक ने कहा कि यहां हिंदू-मुस्लिम सिख सभी एक हैं. हिंदू-मुस्लिम विवाद में आज मेरे पापा की जान गई. मैं पूछना चाहता हूं कि अब इस विवाद में किसके पापा की जान जाएगी.
भाई ने कहा- परिवार पर बड़ा संकट आया
शहीद इंस्पेक्टर के छोटे भाई राहुल ने कहा कि भाई की मौत से परिवार पर बहुत बड़ा संकट आ गया है. उन्होंने योगी से गुहार लगाते हुए कहा कि योगी जी कुछ करिए.
इंस्पेक्टर की बहन ने गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि मेरे भाई को अकेला क्यों छोड़ा गया? उन्होंने सवाल किया कि भाई के साथ मौजूद दरोगा और ड्राइवर भाई को अकेला छोड़कर कहां चले गए थे?
योगी खुद गोरक्षा करके दिखाएं
इंस्पेक्टर की बहन ने कहा कि गोरक्षा के नाम पर मुख्यमंत्री योगी सिर्फ बातें कर रहे हैं. वे खुद क्यों नहीं गोरक्षा करके दिखाते हैं? उन्होंने मांग की कि मेरे भाई को शहीद का दर्जा दिया जाए. एटा के पैतृक गांव में उनका शहीद स्मारक बनाया जाए. सुबोध की बहन ने कहा कि हमारे पिता भी ऐसे ही ड्यूटी करने के दौरान गोली लगने से शहीद हुए थे. हम लोग बहुत बहादुर हैं. उन्होंने सीएम योगी से मांग की है कि वे उनके परिवार से आकर मिलें.
पुलिस ने मिलकर भाई को मरवाया
उन्होंने सीधा आरोप लगाया कि अखलाक मामले की जांच करने के चलते उनके भाई को मारा गया है. ये पूरी साजिश है. उन्होंने सवाल उठाए कि मेरा भाई पुलिस जीप में अकेला क्यों था. उन्होंने पूछा कि उस समय साथ में मौजूद दरोगा और ड्राइवर कहां चले गए थे. उन्होंने आरोप लगाया कि मेरे भाई की हत्या में पुलिस भी मिली हुई थी. उन्होंने आरोप लगाया कि मेरे भाई को पुलिस ने मिलकर मरवाया है.
बेटों ने कहा- अब किसके पापा की जान जाएगी?
बुलंदशहर में शहीद हुए इंस्पेक्टर सुबोध कुमार के बड़े बेटे श्रेय ने कहा कि पापा चाहते थे कि मैं यूपीएससी की तैयारी करूं. पापा जॉब के चलते बर्थडे में भी घर नहीं आते थे. उन्हें धमकियां मिलतीं थीं. श्रेय ने कहा कि पिता चाहते थे कि मेरा छोटा भाई अभिषेक अच्छा वकील बने. उसका अभी बोर्ड का एग्जाम है. वहीं, अभिषेक ने कहा कि यहां हिंदू-मुस्लिम सिख सभी एक हैं. हिंदू-मुस्लिम विवाद में आज मेरे पापा की जान गई. मैं पूछना चाहता हूं कि अब इस विवाद में किसके पापा की जान जाएगी.
भाई ने कहा- परिवार पर बड़ा संकट आया
शहीद इंस्पेक्टर के छोटे भाई राहुल ने कहा कि भाई की मौत से परिवार पर बहुत बड़ा संकट आ गया है. उन्होंने योगी से गुहार लगाते हुए कहा कि योगी जी कुछ करिए.
Subscribe to:
Comments (Atom)
肺炎疫情:法国航母爆发新冠疫情 英国航母出航计划遭质疑
法国航母戴高乐号上1/3的水手新冠病毒感染, 香港自去年 色情性&肛交集合 爆发“反送中 色情性&肛交集合 ”抗议后政府首次有问责官员 色情性&肛交集合 人事调动,政制及内地事务局局 色情性&肛交集合 长聂德权被平调 色情性&肛交集合 接替罗智光出任 色情性&肛交集合 公务员事...
-
أ ثار دونالد ترامب جونيور، نجل الرئيس الأمريكي، سخرية الكثيرين في الولا يات المتحدة حينما شبَّه سقوط ضحايا الحرب من الجنود الأمريكيين "...
-
اهتمت صحف عربية، بنسختيها الورقي ة والإلكترونية، اهتماما كبيرا بإعلان رئيس وزراء لبنان سعد الحريري وضع استقالت ه تحت تصرف الرئيس اللبناني. ...
-
उत्तराखंड की सीमा के आख़िरी ज़िले पिथौरागढ़ के आगर-हराली गांव की सपना टम्टा के पिता पिछले नौ साल से लापता हैं और मां गांव में ही मज़दूरी कर...